स्थान : कालाढूंगी
ब्यूरो रिपोर्ट


नैनीताल जिले के कालाढूंगी तहसील क्षेत्र के चकलुवा में तेजी से हो रही आवासीय प्लॉटिंग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिल्डरों द्वारा नाले के ऊपर कथित तौर पर अवैध तरीके से पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही नाले की जमीन का सीमांकन कर राजस्व भूमि को भी प्लॉटिंग में शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।


चकलुवा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आवासीय प्लॉटिंग अब ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बिल्डरों द्वारा नाले के दोनों ओर दीवारें खड़ी की जा रही हैं, जिससे नाले के प्राकृतिक बहाव पर असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा नाले के ऊपर पुलिया निर्माण किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले के प्राकृतिक बहाव को प्रभावित किया गया तो बरसात के दौरान स्थिति गंभीर हो सकती है। उनका दावा है कि तेज बारिश के समय नाले का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से सैकड़ों घर प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर राजस्व भूमि को भी आवासीय प्लॉटिंग में शामिल किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकारी भूमि और नाले की जमीन पर इस तरह निर्माण अथवा प्लॉटिंग होती रही तो भविष्य में न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होगा, बल्कि जल निकासी की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पाण्डेय ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का काम चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ सभी प्रभावित लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और सरकार से समय रहते हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बरसात के दौरान होने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सके।



स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरों के आसपास निर्माण कार्य और ऊंची दीवारें खड़ी किए जाने से उन्हें सबसे ज्यादा खतरा है। एक ग्रामीण के अनुसार, बिल्डरों ने अपनी तरफ ऊंची दीवार खड़ी कर दी है और यदि नाले का पानी दूसरी ओर आया तो उनके घरों को भारी नुकसान हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद ग्रामीणों की नजरें तहसीलदार की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में नाले की जमीन, राजस्व भूमि और कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर संभावित जलभराव और नुकसान के खतरे को टालने के साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

