SIR को लेकर मसूरी में सियासत तेज, कांग्रेस ने दर्ज कराईं आपत्तियां

SIR को लेकर मसूरी में सियासत तेज, कांग्रेस ने दर्ज कराईं आपत्तियां

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मसूरी में सियासत तेज हो गई है। सोमवार को मसूरी कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराईं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मसूरी में कई पीढ़ियों से रह रहे और जन्म से यहीं निवास कर रहे लोगों के नाम भी SIR प्रक्रिया के तहत हटाने के लिए आपत्तियां लगाई जा रही हैं। कांग्रेस ने कहा कि ऐसे लोगों के नाम हटाने की कोशिश गंभीर चिंता का विषय है और प्रत्येक मामले में नियमानुसार सत्यापन किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, उनमें से कई मामलों में कथित आपत्तिकर्ता मौके पर मौजूद नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि आपत्तिकर्ताओं से संपर्क करने पर कुछ मोबाइल नंबर दिल्ली अथवा उत्तराखंड से बाहर के स्थानों के सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस ने इन दावों को गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने वास्तव में किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई है तो उसे नियमानुसार अपने दावे का आधार स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर चुनावी लाभ के लिए प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग की कोशिश करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस का कहना है कि जिन लोगों के नाम हटाने पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, उनके पास वर्षों से मसूरी में निवास करने और पूर्व में मतदान करने से संबंधित प्रमाण मौजूद हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि उचित दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के बिना किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी कार्यालय में अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां रखते हुए प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।

वहीं, उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने स्पष्ट किया कि SIR को लेकर प्राप्त शिकायतों और आपत्तियों की नियमानुसार जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज की है तो उसे मौके पर पहुंचकर यह प्रमाण देना होगा कि संबंधित व्यक्ति का नाम हटाने का आधार क्या है।

प्रशासन के इस रुख के बाद अब आपत्तियों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो वह मामले को आगे उठाएगी, जबकि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।