स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के आजाद नगर में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिजली पोल में करंट उतरने से एक ही परिवार के पिता और 13 वर्षीय पुत्री की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है, जबकि स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।


बताया जा रहा है कि आजाद नगर क्षेत्र में एक बिजली पोल के अंदर पिछले कई दिनों से करंट आने की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा बिजली विभाग से की जा रही थी। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और पोल में आ रहे करंट को ठीक कराने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।



स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के दिन पोल के आसपास करंट फैल गया था। इसी दौरान एक व्यक्ति करंट की चपेट में आ गया। पिता को करंट लगा देखकर उनकी 13 वर्षीय पुत्री उन्हें बचाने के लिए पहुंची, लेकिन वह भी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गई। देखते ही देखते दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।


हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह दोनों को करंट की चपेट से बाहर निकाला और आनन-फानन में राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पिता-पुत्री दोनों को मृत घोषित कर दिया।

एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंच गए और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पोल में करंट आने की शिकायत पहले भी की जा चुकी थी। इतना ही नहीं, कुछ समय पूर्व एक गाय भी बिजली पोल में करंट आने की चपेट में आ गई थी। उस घटना के बाद भी लोगों ने बिजली विभाग को मामले की जानकारी दी थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद पोल को दुरुस्त नहीं कराया गया।



लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बिजली पोल की जांच कर उसे ठीक करा दिया होता तो शायद यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा था। उनका कहना है कि यदि पहले मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता और विद्युत पोल की जांच कराई जाती तो एक ही परिवार के दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में गम और आक्रोश का माहौल है।


