तपोवन विष्णुगाड परियोजना की टनल में कैविटी और जल रिसाव पर NTPC की सफाई, बताया सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा

तपोवन विष्णुगाड परियोजना की टनल में कैविटी और जल रिसाव पर NTPC की सफाई, बताया सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

तपोवन विष्णुगाड हाइड्रो पावर परियोजना की टनल में 15 अगस्त को बनी छोटी कैविटी और जल रिसाव का वीडियो वायरल होने के बाद एनटीपीसी ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। एनटीपीसी के निगम संवाद अधिकारी राजेंद्र सिंह जयाड़ा ने कहा कि डीबीएम क्षेत्र की टनल में 15 अगस्त की सुबह एक छोटी कैविटी बनी थी। उन्होंने इसे टनलिंग प्रक्रिया के दौरान होने वाली सामान्य घटना बताया है।

राजेंद्र सिंह जयाड़ा ने कहा कि टनलिंग के दौरान भूगर्भीय परिस्थितियों के कारण कभी-कभी छोटी कैविटी बन जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति से किसी भी प्रकार के संभावित खतरे की आशंका नहीं है। एनटीपीसी प्रबंधन ने वायरल वीडियो को लेकर लोगों से अनावश्यक भयभीत न होने की अपील की है।

वायरल वीडियो में टनल के भीतर पानी का रिसाव भी दिखाई दे रहा है। एनटीपीसी के अनुसार बरसात के महीनों में टनल के भीतर इस तरह का जल रिसाव होना सामान्य है। कंपनी ने कहा कि क्षेत्र में मानसून के दौरान भूगर्भीय जल की मौजूदगी के कारण पानी का रिसाव देखने को मिल सकता है।

एनटीपीसी ने बताया कि कैविटी बनते ही सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्र से सभी श्रमिकों को तत्काल हटा दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र को सुरक्षित कर कैविटी के ट्रीटमेंट की प्रक्रिया शुरू की गई। कंपनी के मुताबिक फिलहाल विशिष्ट दक्षता प्राप्त श्रमिकों की टीम कैविटी के उपचार में जुटी हुई है।

प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि कैविटी के ट्रीटमेंट के बिना टनलिंग का काम आगे नहीं बढ़ाया जाता है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पहले प्रभावित हिस्से का उपचार किया जाता है और उसके बाद ही टनलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। इससे परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

एनटीपीसी के अनुसार कैविटी के ट्रीटमेंट के लिए विशेषज्ञ और प्रशिक्षित श्रमिकों को लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कंपनी का कहना है कि ट्रीटमेंट का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एनटीपीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति को परियोजना के लिए किसी बड़े खतरे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार टनलिंग के दौरान भूगर्भीय संरचना के अनुरूप इस तरह की परिस्थितियां सामने आ सकती हैं, जिनका तकनीकी प्रक्रिया के तहत उपचार किया जाता है।

प्रबंधन ने कहा कि परियोजना की टनल में काम सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जा रहा है। कैविटी की जानकारी मिलते ही श्रमिकों को हटाने और उसके बाद उपचार शुरू करने की कार्रवाई इसी सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। कंपनी ने कहा कि किसी भी स्थिति में बिना आवश्यक ट्रीटमेंट के टनलिंग का काम आगे नहीं बढ़ाया जाता।

एनटीपीसी ने वायरल वीडियो के बाद सामने आई चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और कैविटी के उपचार का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रबंधन के मुताबिक ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद ही टनल में आगे का काम शुरू किया जाएगा। कंपनी ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा जताया है।