

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में करीब 7 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति मिल गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी।


बैठक में श्रीनगर, हरिद्वार, कोटद्वार सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। इन परियोजनाओं में फोरलेन सड़कें, बाईपास, टनल और सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं, जिनसे यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ यात्रा का समय भी कम होगा।


केंद्र सरकार ने सीआरआईएफ (CRIF) के तहत लगभग 750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग मूल कार्य (NHO) के अंतर्गत पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।


सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से सीमांत क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही सामरिक दृष्टि से भी इन परियोजनाओं का विशेष महत्व माना जा रहा है।
पर्यटन की दृष्टि से भी इन सड़क परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चारधाम यात्रा, धार्मिक स्थलों और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार बाईपास और कोटद्वार बाईपास परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिलेगी।
करीब 7 हजार करोड़ रुपये की इन सड़क परियोजनाओं को उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। टनल, बाईपास, फोरलेन और नई सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

