आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने पर वार्ड-9 के पार्षद का चुनाव निरस्त

आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने पर वार्ड-9 के पार्षद का चुनाव निरस्त

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

हल्द्वानी में नगर निगम के वार्ड संख्या-9 तल्ली बमौरी से निर्वाचित पार्षद का चुनाव न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद अब वार्ड में तीन माह के भीतर दोबारा चुनाव कराए जाएंगे।

जिला एवं सत्र न्यायालय ने वार्ड-9 से निर्वाचित पार्षद राजेंद्र सिंह जीना के निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया। न्यायालय के आदेश के अनुसार अब इस वार्ड में पुनः निर्वाचन प्रक्रिया कराई जाएगी।

नगर निगम चुनाव में वार्ड-9 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी गिरीश नैनवाल, राजेंद्र सिंह जीना और जितेंद्र जोशी चुनाव मैदान में थे। चुनाव परिणाम में राजेंद्र सिंह जीना ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गिरीश नैनवाल को मामूली अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की थी।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद गिरीश नैनवाल ने न्यायालय में चुनाव याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि राजेंद्र सिंह जीना ने नामांकन पत्र में अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई और गलत जानकारी देकर चुनाव लड़ा।

करीब एक वर्ष पांच महीने तक चली सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने माना कि प्रत्याशी द्वारा आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के विपरीत है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नामांकन पत्र के साथ आपराधिक मामलों का पूरा विवरण न देना भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए सीट को रिक्त घोषित किया गया है।

न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वार्ड-9 में तीन माह के भीतर पुनः चुनाव कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि राजेंद्र सिंह जीना आगामी उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं बन सकेंगे।

फैसले के बाद गिरीश नैनवाल ने इसे जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा तथा भविष्य में प्रत्याशियों को नामांकन के दौरान सभी तथ्यों का सही विवरण देना अनिवार्य होगा।