स्मार्ट मीटरों के विरोध में उतरी लोहाघाट विकास संघर्ष समिति, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

स्मार्ट मीटरों के विरोध में उतरी लोहाघाट विकास संघर्ष समिति, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट नगर क्षेत्र में ऊर्जा निगम द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध तेज होने लगा है। स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं में बढ़ती नाराजगी के बीच लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नगर क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई।

समिति का कहना है कि ऊर्जा निगम द्वारा पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर क्षेत्रवासियों में कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है।

विपिन गोरखा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां पहले स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनका कहना है कि पहले की तुलना में अब हर महीने अधिक बिजली बिल आ रहा है। इससे आम जनता में चिंता बढ़ी है और ऊर्जा निगम के प्रति असंतोष का माहौल बन रहा है।

समिति ने मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और बिलिंग प्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक नगर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि ऊर्जा निगम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, उसके लाभ तथा संभावित प्रभावों के संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहा है। इससे लोगों के मन में भ्रम और आशंकाएं पैदा हो रही हैं।

समिति का कहना है कि यदि बिजली बिलों में वृद्धि होती है तो इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ेगा। ऐसे परिवारों के लिए बढ़ा हुआ बिजली बिल अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है।

लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने प्रशासन से जनहित में पूरे मामले की जांच कराने और पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली का परीक्षण कराने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रहलाद सिंह मेहता, रमेश सिंह बिष्ट, राजकिशोर शाह, ललित शाह, संजय प्रसाद, लोकेश पांडे, मोहन सिंह मेहता और गोपाल फर्त्याल सहित कई लोग मौजूद रहे।