नेगी दा की प्रस्तुति ने बांधा समां, ‘बंदूक्या’ गीत से जसपाल राणा को किया नमन

नेगी दा की प्रस्तुति ने बांधा समां, ‘बंदूक्या’ गीत से जसपाल राणा को किया नमन

स्थान : पौड़ी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोर्ट

पौड़ी गढ़वाल महोत्सव में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक Narendra Singh Negi की प्रस्तुति ने हजारों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर पहुंचते ही नेगी दा ने उत्तराखंड के गौरव और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज Jaspal Rana को नमन करते हुए उनके सम्मान में अपना प्रसिद्ध गीत “बंदूक्या” प्रस्तुत किया।

गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति और उसके मार्मिक बोलों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। जसपाल राणा के संघर्ष, उपलब्धियों और उत्तराखंड का नाम विश्व स्तर पर स्थापित करने में उनके योगदान को नेगी दा ने अपने गीत के माध्यम से याद किया। प्रस्तुति के दौरान कई श्रोताओं की आंखें नम नजर आईं।

महोत्सव में नेगी दा की गायकी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और लोकसंगीत लोगों के दिलों में भी विशेष स्थान रखता है। उनके मंच पर आते ही पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान नेगी दा ने वर्तमान समय के संगीत परिवेश पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि पहले कलाकार अपनी कला और गायकी के दम पर लोगों के दिलों तक पहुंचते थे, लेकिन आजकल कुछ गढ़वाली गायक अपने साथ बाउंसर और बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार और जनता के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए क्योंकि श्रोताओं का प्यार ही किसी कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी है।

उनकी इस टिप्पणी का उपस्थित दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया। नेगी दा के विचारों को लोगों ने लोक कलाकारों और जनता के बीच आत्मीय संबंधों की अभिव्यक्ति बताया। उनके वक्तव्य ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना।

नेगी दा की प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। उनके लोकप्रिय गीतों पर युवा झूमते नजर आए, जबकि पारंपरिक लोकगीतों ने बुजुर्गों को पुरानी यादों में खोने पर मजबूर कर दिया। महोत्सव में उनकी प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही और देर रात तक श्रोताओं ने उनकी गायकी का आनंद लिया।

इस अवसर पर अंजलि, प्रतीक्षा बमरला, अनिल बिष्ट सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी Swati S Bhadauria ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय जनता और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।