कुमाऊनी भाषा की श्रीराम कथा का हवन-भंडारे के साथ समापन

कुमाऊनी भाषा की श्रीराम कथा का हवन-भंडारे के साथ समापन

स्थान : लोहाघाट
ब्यरो रिपोर्ट

श्री राम सेवा संस्कृत रामलीला कमेटी द्वारा देवांचल सेवा संस्थान के सहयोग से रामलीला मैदान में आयोजित कुमाऊनी भाषा की श्रीराम कथा का शुक्रवार को विधि-विधान के साथ समापन हो गया। समापन अवसर पर हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

3 जून से प्रारंभ हुई इस श्रीराम कथा में प्रतिदिन क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे थे। समापन दिवस पर आयोजित हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता ने बताया कि 3 जून से चल रही कुमाऊनी भाषा की श्रीराम कथा का सफलतापूर्वक समापन किया गया है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुमाऊनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देना तथा नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। कथा के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रचार-प्रसार किया गया।

प्रसिद्ध कथा वाचक प्रकाश कृष्ण शास्त्री ने पूरे आयोजन के दौरान कुमाऊनी भाषा में भक्तों को श्रीराम कथा का रसपान कराया। उनकी सरल और प्रभावशाली शैली को श्रद्धालुओं ने काफी सराहा।

जीवन सिंह मेहता ने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार रात 8 बजे से महिला रामलीला का आयोजन किया जाएगा, जबकि 13 और 14 जून को ‘रूमा झूमा’ कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के नन्हे कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इन आयोजनों को सफल बनाने की अपील की।