अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी को नम आंखों से अंतिम विदाई

अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी को नम आंखों से अंतिम विदाई

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्ट : संजय जोशी

रविवार का दिन अल्मोड़ा के लिए बेहद भावुक और गमगीन रहा। भारतीय सेना के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी को पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अल्मोड़ा के पांडेखोला निवासी 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी भारतीय सेना की 5 असम यूनिट में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग हमीरपुर में थी। कर्तव्यनिष्ठ और साहसी अधिकारी के रूप में उनकी पहचान थी।

जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के रजौरी सेक्टर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान ‘शेरूवाली’ के दौरान वह तलाशी दल का नेतृत्व कर रहे थे। अभियान के दौरान पहाड़ी क्षेत्र में अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरी खाई में गिर गए और वीरगति को प्राप्त हो गए।

रविवार शाम उनका पार्थिव शरीर जब अल्मोड़ा स्थित पैतृक आवास पांडेखोला पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

शहीद के निवास पर परिजनों के साथ जनप्रतिनिधियों, सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान हर आंख नम दिखाई दी और पूरे वातावरण में गम और गर्व का भाव एक साथ महसूस किया गया।

इसके बाद शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए अल्मोड़ा के विश्वनाथ घाट ले जाया गया। यहां पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी।

लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की शहादत ने पूरे अल्मोड़ा जिले को शोकाकुल कर दिया है। उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा का जज्बा हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। क्षेत्रवासियों ने कहा कि अल्मोड़ा ने अपना एक वीर सपूत खोया है, लेकिन देश को उसकी वीरता पर हमेशा गर्व रहेगा।