

स्थान : टनकपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


टनकपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण के विरोध में सोमवार को सैकड़ों प्रभावित परिवारों ने तहसील पहुंचकर सामूहिक और व्यक्तिगत आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शनकारियों ने आबादी क्षेत्र से बाहर बाईपास निर्माण की मांग उठाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।


इस दौरान टनकपुर–बनबसा बाईपास बनाओ संघर्ष समिति के शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और प्रभावित परिवारों की समस्याओं से अवगत कराया।


समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से बड़ी संख्या में आवासीय भवन, व्यापारिक प्रतिष्ठान, विद्यालय और अन्य जनसुविधाएं प्रभावित होंगी। इससे हजारों लोगों के सामने विस्थापन और आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।


संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण करने के बजाय नगर सीमा से बाहर उपयुक्त स्थान पर बाईपास का निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि इससे यातायात भी सुगम रहेगा और स्थानीय लोगों के हितों की भी रक्षा हो सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सभासदों और ग्राम प्रधानों ने भी प्रभावित परिवारों का समर्थन किया। उन्होंने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए लोगों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार चौड़ीकरण किया गया तो कई परिवार बेघर हो जाएंगे और व्यापारिक गतिविधियों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक समाधान निकालने की मांग की है।


संघर्ष समिति ने सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ आम जनता के हित भी सुरक्षित रह सकें।

