

स्थान – बाजपुर
रिपोर्टर – विशेष शर्मा

बाजपुर सहकारी चीनी मिल में कथित करोड़ों रुपये के स्क्रैप घोटाले को लेकर तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन में चीनी मिल के कर्मचारियों ने भी भागीदारी की और चार कर्मचारी धरने पर बैठे। नगर पालिका अध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरविंदर सिंह लाडी, ब्लॉक प्रमुख पति जोरावर भुल्लर समेत कई जनप्रतिनिधि और किसान नेता धरना स्थल पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की।


धरने के दौरान विधायक प्रतिनिधि डीके जोशी ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल जांच समितियां गठित करने से मामला नहीं सुलझेगा। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं जोरावर भुल्लर ने आरोप लगाया कि एक ट्रक में ही 5 से 7 लाख रुपये तक के कथित घोटाले की आशंका है, जिससे पूरे मामले में करोड़ों रुपये की अनियमितता होने की संभावना जताई जा रही है।


प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इस मामले में जुड़े लोग खुलकर सामने आ रहे हैं और कई नए खुलासे हो रहे हैं।


धरने के दौरान स्क्रैप ढुलाई में लगे एक ट्रक मालिक, जो स्वयं चालक भी है, ने गंभीर आरोप लगाए। चालक का दावा है कि उसकी गाड़ी का वजन चीनी मिल के कांटे पर 60 क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि बाहर दूसरे कांटे पर तौल कराने पर उसी गाड़ी में 182 क्विंटल माल निकला। चालक के अनुसार, उसी दिन दूसरा चक्कर भी इसी तरह कराया गया और बिना किसी कागजी कार्रवाई के स्क्रैप से भरी गाड़ी काशीपुर के लिए रवाना कर दी गई।
ट्रक चालक ने दावा किया कि वह लोडिंग की तारीख बता सकता है और पूरे मामले की पुष्टि के लिए चीनी मिल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा सकती है। उसने यह भी आरोप लगाया कि स्क्रैप ठेकेदार के लोग मिल गेट के बाहर ही ट्रक चालकों से कागजात लेकर गाड़ियों के साथ आगे जाते थे। वहीं धरने में शामिल चीनी मिल के कुछ कर्मचारियों ने भी स्क्रैप प्रकरण से जुड़ी कई जानकारियां साझा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।


