पेपर लीक पर सरकार सख्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा वाला विधेयक लाने की तैयारी

पेपर लीक पर सरकार सख्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा वाला विधेयक लाने की तैयारी

स्थान : नई दिल्ली
ब्यूरो रिपोर्ट

पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान वाला नया विधेयक लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार के अनुसार, पेपर लीक की घटना के बाद पिछले ढाई महीनों में कई अहम कदम उठाए गए हैं। मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को दोबारा सुचारु रूप से संचालित करते हुए कम समय में लगभग 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराई गईं।

सरकार ने बताया कि 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं और देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सफल होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार इस मामले को यहीं समाप्त मानने के पक्ष में नहीं है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए नए कानूनी प्रावधानों पर काम कर रही है।

इसी क्रम में संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और पेपर लीक के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करने वाला मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। विभागों ने मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है, जिस पर अब कैबिनेट स्तर पर विचार किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित मसौदे पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और सदस्यों के सुझावों के आधार पर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद के आगामी सप्ताह में इस विधेयक को जल्द से जल्द सदन में पेश कर पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना, पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि विधेयक पारित होता है तो ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी और दोषियों के लिए पहले से अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया जाएगा।