पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की सजा का प्रावधान

पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की सजा का प्रावधान

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने का प्रावधान किया गया है।

नए कानून के तहत पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। इसमें प्रावधान है कि ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके और परीक्षाओं की निष्पक्षता बनी रहे।

सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने वालों को अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

प्रस्तावित कानून में पेपर लीक कराने वाले गिरोह, इसमें शामिल लोगों और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।

केंद्र सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए कानून के जरिए पेपर लीक करने वाले माफिया पर प्रभावी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।