

स्थान : अल्मोडा
रिपोर्टर : संजय जोशी


बोरडा तोक स्थित तड़म गांव में मानव–वन्यजीव संघर्ष की दुखद घटना के बाद जिलाधिकारी अंशुल सिंह स्वयं गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस घटना में ग्रामीण महिपाल सिंह की मृत्यु के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


अंशुल सिंह ने दुर्गम पैदल मार्ग से गांव पहुंचकर न केवल परिवार से मुलाकात की, बल्कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है।


जिलाधिकारी ने मृतक की पत्नी और बच्चों से बातचीत कर उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को समझा और आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए त्वरित निर्णय भी लिए।


प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने एक बेटी को अस्थायी रूप से तहसील कार्यालय सल्ट में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में तैनात करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी बेटी को शिक्षक स्वयंसेवक के रूप में अस्थायी नियुक्ति देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

गांव में पहुंचकर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। लोगों ने वन्यजीवों के बढ़ते खतरे, पेयजल संकट, सड़क और मूलभूत सुविधाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया।

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।


साथ ही उन्होंने पूरे क्षेत्र में चेन लिंक फेंसिंग लगाने, तड़म से भोनखाल मार्ग के सुधार और सोलर लाइट लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा और आवागमन बेहतर हो सके।
लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सीधे गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल निर्णय लेने पर आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि पहली बार उन्हें लगा कि प्रशासन वास्तव में उनकी पीड़ा को समझ रहा है।
निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, उपजिलाधिकारी सल्ट रिंकू बिष्ट, अपर पुलिस अधीक्षक हरबंश सिंह, तहसीलदार आबिद अली सहित कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

