

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने स्वराज आश्रम, हल्द्वानी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए “वाटरलू” साबित होंगे।


धीरेंद्र प्रताप ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला वंदन बिल केवल एक “ढकोसला” है, जिसका वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक दिखावा करार दिया।


राज्य आंदोलनकारी के रूप में अपनी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए बनाए गए संरक्षण कानून और 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बार-बार बड़े फैसलों का आश्वासन देती है, लेकिन वास्तविकता में कोई ठोस निर्णय धरातल पर नहीं उतर पाया है। इससे आंदोलनकारी परिवारों में निराशा का माहौल है।
धीरेंद्र प्रताप ने प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों, युवाओं के गायब होने की घटनाओं और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौतों को गंभीर मुद्दा बताते हुए इसे राज्य के लिए “चिंता और शर्म का विषय” कहा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक मामले में कथित वीआईपी का खुलासा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में लंबित मुजफ्फरनगर कांड का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

अंत में धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड क्रांति दल से कांग्रेस में विलय पर विचार करने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों की विचारधारा में अधिक अंतर नहीं है और एकजुट होकर ही भाजपा को 2027 में हराया जा सकता है।

