

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

कृपा कॉम्प्लेक्स में महिला आरक्षण बिल को लेकर एक प्रेसवार्ता के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान की अध्यक्षता में पार्टी से जुड़ी महिलाओं ने केंद्र सरकार के प्रयासों और विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।


प्रेसवार्ता में मधु चौहान ने कहा कि 16 अप्रैल को केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए गए थे, जिनका उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को प्रभावी तरीके से लागू करना और परिसीमन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन के विरोध के कारण ये महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पारित नहीं हो सके, जिससे महिला आरक्षण को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

मधु चौहान ने कहा कि सरकार महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, लेकिन विपक्ष की असहमति के चलते इसमें बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

प्रेसवार्ता में मौजूद महिलाओं ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि राजनीतिक खींचतान का सीधा असर महिला आरक्षण की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि इसी तरह गतिरोध बना रहा तो आने वाले 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

महिलाओं ने यह भी कहा कि लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।

इस पूरे मुद्दे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और विभिन्न दलों के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है।

