

स्थान :बागेश्वर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक प्रशासनिक दौरे के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी अविनाश सिंह मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मौजूद एक सुरक्षाकर्मी के हथियार (कार्बाइन) के साथ गर्भगृह में प्रवेश को लेकर मामला चर्चा में आ गया।


सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी अविनाश सिंह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे थे। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत उनके साथ आए एक सुरक्षाकर्मी के पास हथियार मौजूद था, जो गर्भगृह तक पहुंच गया। इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

मंदिर से जुड़े पुजारियों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जागेश्वर धाम जैसे पवित्र स्थल के गर्भगृह में किसी भी प्रकार के हथियार का प्रवेश धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं के खिलाफ है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपत्ति जताने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर प्रवेश जारी रखा गया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। हालांकि, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वीवीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं और यह व्यवस्था सुरक्षा कारणों से आवश्यक होती है। हालांकि, मंदिर परिसर के भीतर हथियार के प्रवेश को लेकर अब बहस तेज हो गई है।

घटना के बाद क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पवित्र स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप अधिक संवेदनशील बनाए जाने की आवश्यकता है।

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे अनुचित बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बता रहे हैं।

फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने जागेश्वर धाम जैसे धार्मिक स्थलों पर वीआईपी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर नई बहस छेड़ दी है, और प्रशासन से इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग उठने लगी है।

