जसपुर में लक्ष्मीबाई मूर्ति विवाद गरमाया, दोनों पक्षों में तनातनी के बाद नया मोड़

जसपुर में लक्ष्मीबाई मूर्ति विवाद गरमाया, दोनों पक्षों में तनातनी के बाद नया मोड़

स्थान :जसपुर /काशीपुर
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के जसपुर क्षेत्र में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना को लेकर चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े स्थानीय नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार को जसपुर नगर के ठाकुर मंदिर चौराहा के पास वर्तमान कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान अपने समर्थकों के साथ लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना के लिए खुदाई कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिघल अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और बिना अनुमति कार्य किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और मौके पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान दोनों विधायकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया।

इस मामले में अब नया मोड़ तब सामने आया जब खंड विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक पूर्व आदेश का हवाला दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष जारी आदेश में 15 दिसंबर 2025 से 14 जून 2026 तक प्रतिमा स्थापना से संबंधित कार्य की अनुमति दी गई थी। इसी आधार पर वर्तमान पक्ष द्वारा कार्य को वैध बताया जा रहा है।

वहीं पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिघल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कार्य को “बिना कानूनी अनुमति” बताया था, जिसके बाद यह मामला और अधिक गरमा गया। इस बयान के बाद विवाद राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है।

इसी बीच अब इस विवाद में महिलाओं और स्थानीय लोगों की भी एंट्री हो गई है। वर्तमान विधायक आदेश सिंह चौहान के समर्थन में एक प्रतिनिधिमंडल मूर्ति स्थापना से संबंधित कार्यादेश लेकर जसपुर कोतवाली पहुंचा और पूर्व विधायक के बयान को गलत बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार नई-नई गतिविधियां सामने आ रही हैं, जिससे विवाद शांत होने के बजाय और गहराता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।