चंपावत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन तेज, मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन जारी

चंपावत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन तेज, मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन जारी

स्थान : लोहाघाट( चंपावत)
ब्यरो रिपोर्ट

चंपावत जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले आठ दिनों से लोहाघाट के रामलीला मैदान में धरना प्रदर्शन जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां शामिल हो रही हैं।

आंदोलन के बीच शुक्रवार को सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सामूहिक रूप से बीएलओ ड्यूटी से इस्तीफा जिला अधिकारी चंपावत मनीष कुमार को सौंपा। हालांकि जिलाधिकारी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

शनिवार को भी आंदोलन जारी रहा और जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आई कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की।

इस दौरान आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। लोहाघाट विकास संघर्ष समिति और किसान संगठन धरना स्थल पर पहुंचे और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों को उचित बताते हुए समर्थन दिया।

लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों को मानकर आंदोलन समाप्त कराना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में मजदूरों की दिहाड़ी भी अधिक है, ऐसे में कार्यकत्रियों की मांगें उचित हैं।

आंगनबाड़ी संगठन की जिला अध्यक्ष मीना बोहरा ने आरोप लगाया कि तहसील परिसर में धरने के दौरान एसडीएम द्वारा उन्हें जबरन हटाया गया, जिससे कार्यकत्रियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने इसे निंदनीय बताया और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

आंदोलनरत कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा। साथ ही 13 अप्रैल को प्रदेशभर में विशाल रैली निकालने की घोषणा भी की गई है।

कार्यकत्रियों की प्रमुख मांगों में 24 हजार रुपये मासिक मानदेय, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली समाप्त करना और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और बीएलओ ड्यूटी का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।