

स्थान : नरेंद्रनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

धरती पर बैकुंठ धाम कहे जाने वाले बद्रीनाथ धाम के भगवान बद्री विशाल के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर टिहरी की सांसद व महारानी राज्य लक्ष्मी शाह की अगुवाई में नगर की सुहागिन महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर, व्रत रखते हुए मूसल, ओखली और सिलबट्टे से तिलों का तेल पिरोया। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।


सुहागिन महिलाओं ने निकाले गए तिलों के तेल में विशेष जड़ी-बूटियां डालकर तेज आंच पर तेल को शुद्ध किया। शुद्ध किए गए तेल को चांदी के कलश में भरकर परिपूरित किया गया। राजमहल में पहुंचे डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के पुजारी और राज परिवार ने तेल कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद तेल कलश को भोग लगाया गया और तेल पिरोने आई महिलाओं को भी भोग वितरण किया गया।


राज परिवार ने सायं तेल कलश (गाडू घड़ी) को डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत को सौंपने की व्यवस्था की है। महारानी राज्य लक्ष्मी शाह ने श्रद्धालुओं को भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया और देश-प्रदेश में सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


महारानी की पुत्री क्षीरजा अरोड़ा, बेटी की पुत्री अहाना, तथा डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के सदस्य सतीश चंद्र डिमरी, सुधीर डिमरी, अरविंद डिमरी और संजय डिमरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित थे।

कार्यक्रम की विशेषता रही कि सुबह मौसम अनुकूल नहीं था और बूंदाबांदी हो रही थी। लेकिन जैसे ही राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल द्वारा महारानी राज्य लक्ष्मी शाह के हाथों विधिवत पूजा-अर्चना की गई और महिलाओं ने तेल पिरोना शुरू किया, बूंदाबांदी बंद हो गई और मौसम सुहावना हो गया।

श्रद्धालुओं ने इसे भगवान बद्री विशाल की कृपा मानते हुए प्रसन्नता और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

आज शाम राजमहल से सुशोभित रथ में तेल कलश की भव्य शोभा यात्रा बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। 23 अप्रैल को प्रातः 6:15 बजे भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

