नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव समस्या पर बैठक, महापौर ने रखी प्रमुख मांगें

नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव समस्या पर बैठक, महापौर ने रखी प्रमुख मांगें

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

कुमाऊं क्षेत्र की मुख्य वन संरक्षक तेजस्विनी पाटिल, जनपद नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, जिले के सभी सात प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि नगर में आयोजित विशेष बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में नगर क्षेत्र एवं ग्रामीण इलाकों में बढ़ रही वन्यजीवों की गतिविधियों और उससे उत्पन्न हो रही समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान माननीय महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कई प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों से उत्पन्न समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।

महापौर ने सबसे पहले जंगलों से सटे गांवों की सीमाओं में सोलर फेंसिंग और सोलर लाइट की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना था कि यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इसके अतिरिक्त महापौर ने ग्रामीणों के लिए पशु चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध होगा तो वन्यजीवों के द्वारा खेतों और घरों में घुसपैठ की घटनाएं कम होंगी।

महापौर ने वन विभाग से अनुरोध किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर समन्वय बैठक आयोजित करें। यह कदम वन और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद करेगा।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक विचार व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने और इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे।

अंत में महापौर ने नगर निगम क्षेत्र के सभी नालों की बरसात से पहले साफ-सफाई करने और बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने हेतु प्रभावी उपाय करने का निर्देश दिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।