

स्थान : किच्छा (रुद्रपुर)
रिपोर्ट : राजू सहगल


उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में आगामी बकरीद पर्व को लेकर कानून व्यवस्था, स्वच्छता और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर हिंदू संगठनों ने नगर महापौर विकास शर्मा से सख्त कार्रवाई की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और ब्राह्मण महासभा समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने महापौर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में संगठनों ने मांग की कि खुले में पशु बलि, सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं के अवशेष फेंकने और नालियों में खून बहाने जैसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं से शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है और आम लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं।


हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि बकरीद के दौरान कई स्थानों पर खुलेआम पशु बलि और अवशेष सार्वजनिक स्थलों पर फेंकने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे न केवल वातावरण दूषित होता है बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है।


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर पशु अवशेष पड़े रहने और नालियों में खून बहाए जाने से जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की।

संगठनों के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि सार्वजनिक स्थलों पर पशु बलि न की जाए और अवशेष खुले में न फेंके जाएं। इसके बावजूद कई जगह नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिलती हैं।

ज्ञापन में नगर निगम, पुलिस और प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर पशु बलि, खुले में मांस काटने और नालियों में अवशेष बहाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।


प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि त्योहारों की आड़ में किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी समुदायों से भी शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
महापौर विकास शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शहर में कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन सर्वोपरि है और नगर निगम जल्द ही इस संबंध में विस्तृत एसओपी जारी करेगा। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद और ब्राह्मण महासभा समेत विभिन्न संगठनों के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

