झबरेड़ा में कांग्रेस का कैंडल मार्च, छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

झबरेड़ा में कांग्रेस का कैंडल मार्च, छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार जिले के झबरेड़ा में कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी की।

कैंडल मार्च के दौरान विधायक वीरेंद्र जाती ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की एक महत्वपूर्ण सफलता है, लेकिन अभी यह लड़ाई पूरी नहीं हुई है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए बिना छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता।

विधायक ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा नीति में बड़े और प्रभावी बदलाव किए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और विवादों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है, जिसे बहाल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

इस दौरान वीरेंद्र जाती ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है और ऐसे बयान युवाओं की भावनाओं को आहत करते हैं।

विधायक ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए केंद्र सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है और सरकार को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने चाहिए।

कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के हितों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय की निष्पक्ष जांच और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।