
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की पर्यटन नगरी मसूरी में वीकेंड पर भारी संख्या में सैलानियों के उमड़ने से शहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। इस जाम का सबसे अधिक असर मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास वैली ब्रिज क्षेत्र में देखने को मिला, जहां करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।


लंबे जाम के कारण सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली।


स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही पुलिस बल की कमी से जूझ रही मसूरी कोतवाली और प्रशासन की लापरवाही के चलते स्थिति और बिगड़ रही है। लोगों ने शासन-प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।


हैरानी की बात यह है कि अभी पर्यटन सीजन पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, इसके बावजूद शहर में इस तरह की जाम की स्थिति चिंता का विषय बन गई है। लंढौर बाजार, लाइब्रेरी, पिक्चर पैलेस, कंपनी गार्डन, मोतीलाल नेहरू मार्ग और कैंपटी फॉल जैसे प्रमुख स्थानों पर दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।

स्थानीय निवासी तनमीत सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सीजन शुरू होने से पहले ही जाम लगना प्रशासन की तैयारी पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि चार दुकान क्षेत्र में भारी संख्या में पर्यटक अपने वाहनों से पहुंचते हैं, जिससे बाजार में जाम और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।

वहीं एक अन्य स्थानीय निवासी मनोज अग्रवाल ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि अभी से ठोस रणनीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले पर्यटन सीजन में स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है।

जाम का मुख्य कारण सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन, चौक-चौराहों पर पुलिस की कमी और पर्याप्त पार्किंग स्थलों का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो पर्यटक मसूरी से दूरी बनाने लगेंगे, जिसका सीधा असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

