
दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज आशुतोष शर्मा इस आईपीएल सीजन में टीम को ज्यादा से ज्यादा मैच जिताने पर ध्यान दे रहे हैं। बड़े मंच पर खेलने का दबाव उन्हें नहीं लगता, और वह फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।


पिछले सीजन में लखनऊ के खिलाफ 31 गेंद में 66 रन बनाकर टीम को रोमांचक जीत दिलाने वाले आशुतोष ने कहा कि उनका लक्ष्य टीम के लिए छठे या सातवें नंबर पर आकर मैच फिनिश करना है। उन्होंने बताया कि मैदान पर होने पर उन्हें कोई दबाव महसूस नहीं होता और उन्हें अपनी काबिलियत पर पूरा भरोसा है।

आशुतोष ने कहा कि इस बार टीम में मिलर, स्टब्स और रिजवी जैसे फिनिशर विकल्प मौजूद हैं, लेकिन वह इस बारे में ज्यादा नहीं सोचते। टीम की जरूरत के अनुसार जो भी भूमिका में फिट होगा, वही खेलेगा। उनका एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना है।

बल्लेबाजी की तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि इस साल उनका माइंडसेट बदला है। वह अब डोमिनेट करके खेलेंगे और कुछ खास शॉट्स का अभ्यास किया है। इसके अलावा यॉर्कर, स्लोअर, बाउंसर और लेंथ गेंदों पर विशेष ध्यान दिया गया है।


केविन पीटरसन की अनुपस्थिति पर आशुतोष ने कहा कि उन्होंने पिछली बार उनके अनुभव से बहुत कुछ सीखा। दबाव में कैसे बल्लेबाजी करनी है और रन कैसे बनाने हैं, यह सब उन्होंने पीटरसन से सीखा। पेशेवर क्रिकेट का हिस्सा है कि कोई टीम में आता है, कोई जाता है।
दिल्ली कैपिटल्स की टीम की ताकत के बारे में उन्होंने कहा कि इस बार टीम काफी संतुलित है। लुंगी एनगिडी और डेविड मिलर के शामिल होने से टीम में संतुलन बेहतर हुआ है। पिछली बार की कमियों को टीम प्रबंधन ने दूर किया है और इस बार टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी।

आशुतोष ने कहा कि आईपीएल का बड़ा रोल उनके करियर में है। इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन करने से उन्हें और अवसर मिलते हैं। रतलाम से लेकर इंडिया ‘ए’ तक के सफर में कई बार क्रिकेट छोड़ने का ख्याल आया, लेकिन हमेशा उन्होंने क्रिकेट को जारी रखा।

सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाजों के बारे में उन्होंने कहा कि सुनील नरेन को खेलना उनके लिए सबसे कठिन है। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह को खेलना भी काफी चुनौतीपूर्ण लगता है।

