
ब्यरो रिपोर्ट

एलपीजी की किल्लत के बीच अब कोल्ड स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली अमोनिया गैस की कीमत में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई है। इससे कोल्ड स्टोर संचालकों की चिंता बढ़ गई है।

आपूर्तिकर्ताओं के अनुसार ईरान-इजरायल तनाव के कारण अमोनिया गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर स्थानीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।


कोल्ड स्टोर संचालकों के मुताबिक, पहले अमोनिया गैस 84 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, जो अब बढ़कर 126 रुपये प्रति किलो हो गई है। यानी एक महीने में 42 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस बढ़ोतरी से कोल्ड स्टोरेज संचालन की लागत में सीधा इजाफा हुआ है। दरअसल, कोल्ड स्टोर में तापमान नियंत्रित रखने के लिए अमोनिया गैस का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
पलामू कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक अजीत मेहता ने फिलहाल किसानों पर अतिरिक्त बोझ न डालने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आलू भंडारण के किराये में अभी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

संचालकों ने बताया कि हर साल फरवरी महीने में भंडारण दर तय कर दी जाती है। ऐसे में सीजन के बीच में किराया बढ़ाना आसान नहीं होता। मार्च से अक्टूबर तक आलू भंडारण का मुख्य सीजन रहता है।

फिलहाल किसानों से आधा किराया भंडारण के समय लिया जा रहा है, जबकि बाकी राशि आलू की निकासी के समय ली जाएगी। हालांकि, लागत बढ़ने की स्थिति में आगे किराये में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद किसानों को राहत देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो इसका असर भंडारण शुल्क पर पड़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

