
लोकेशन-: रामनगर
ब्यरो रिपोर्ट

इन दिनों रामनगर के आम और लीची के बागानों में बौर (फूल) आने का मौसम चल रहा है। बागानों से उठ रही सुगंध जहां वातावरण को महका रही है, वहीं हवा में फैल रहे परागकण (पोलन) लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।


खासकर अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों में आंखों में जलन, खुजली, छींक और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस कारण अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

स्थानीय डॉक्टरों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में एलर्जी और श्वसन संबंधी मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।


इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रज़ा बैग ने बताया कि फरवरी से अप्रैल के बीच आम, लीची और अन्य पौधों में फ्लावरिंग का समय होता है। इस दौरान वातावरण में पोलन की मात्रा अधिक हो जाती है।
उन्होंने बताया कि एलर्जी के सामान्य लक्षणों में आंखों में खुजली, लाल होना, पानी आना, बार-बार छींक आना और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं।

डॉ. रज़ा बैग के अनुसार यह समस्या शरीर के इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया के कारण होती है। पोलन कण शरीर में प्रवेश करने पर शरीर उन्हें बाहरी तत्व समझकर प्रतिक्रिया करता है, जिससे एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि इस मौसम में सुबह के समय बाहर निकलते वक्त मास्क का उपयोग करें और बागानों या अधिक पेड़-पौधों वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। साथ ही बाहर से आने के बाद हाथ और चेहरा साफ पानी से धोना चाहिए।
डॉक्टर ने यह भी कहा कि आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लास पहनना फायदेमंद रहेगा। यदि किसी को अधिक परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जी दवाइयां लें, क्योंकि लापरवाही से समस्या गंभीर हो सकती है।

