
लोकेशन – ऋषिकेश
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) की ओर से बांध सुरक्षा को लेकर एक सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बैराज-चीला मार्ग स्थित गंगा भोगपुर में आयोजित हुआ।


कार्यक्रम में बांधों की सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें स्थानीय लोगों को विभिन्न सुरक्षा उपायों और सतर्कता के तरीकों की जानकारी दी गई।

UJVNL के जनरल मैनेजर आदेश नौटियाल ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय की “ड्रिप” (DRIP) योजना एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस योजना को वर्ल्ड बैंक द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।


उन्होंने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांधों के स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों में सुधार करना है। इसके तहत बांधों के संचालन और रखरखाव को और बेहतर बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केंद्रीय जल आयोग और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे संभावित खतरों को समय रहते नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

आदेश नौटियाल ने कहा कि बांधों के आसपास रहने वाली आबादी को संवेदनशील बनाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या पैनिक के समय लोग सही निर्णय ले सकें।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय जनता और बांध कार्यान्वयन एजेंसियों को डैम सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों और डिजास्टर मैनेजमेंट की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में उम्मीद जताई गई कि इस तरह के प्रयासों से समुदाय में सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ेगा और लोग आपात परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।

