
स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट

देहरादून में रसोई गैस की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।


जिला पूर्ति अधिकारी के. के. अग्रवाल के अनुसार, गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए तीन चरणों में काम किया जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में काफी राहत मिल रही है।

पहले चरण में गैस बुकिंग प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया। अब उपभोक्ता गैस एजेंसी, ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या सीधे जाकर आसानी से बुकिंग कर सकते हैं। इस पहल के चलते जिले में लगभग 95 हजार गैस बुकिंग दर्ज की जा चुकी हैं।


दूसरे चरण में गैस डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत किया गया। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि सभी उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत होम डिलीवरी मिले, जिससे लोगों को गैस लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़े। यह कदम विशेष रूप से बुजुर्गों और व्यस्त लोगों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है।
तीसरे चरण में गैस की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिक से अधिक गैस सिलेंडर मंगाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की कमी न हो।

इसके अलावा, घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में क्यूआरटी (Quick Response Team) गठित की गई है। यह टीम लगातार छापेमारी कर रही है और अनियमितताओं पर नजर रख रही है।

सरकार द्वारा होटल, रिसॉर्ट और ढाबों को कमर्शियल गैस की आपूर्ति शुरू किए जाने से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी राहत मिली है। इससे घरेलू गैस पर दबाव कम हुआ है और आपूर्ति संतुलित बनी हुई है।

कुल मिलाकर, देहरादून में गैस आपूर्ति की स्थिति अब सामान्य होती जा रही है। प्रशासन की इन पहलों से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है और उन्हें गैस सिलेंडर समय पर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

