लोहाघाट का ऐतिहासिक बंदीगृह बंद, कैदियों को पिथौरागढ़ शिफ्ट किया गया

लोहाघाट का ऐतिहासिक बंदीगृह बंद, कैदियों को पिथौरागढ़ शिफ्ट किया गया

स्थान : लोहाघाट(चंपावत)
ब्यरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट में अंग्रेजों के जमाने का न्यायिक बंदीगृह अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। प्रशासन ने इस पुराने बंदीगृह को बंद करते हुए सभी विचाराधीन कैदियों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया है।

लोहाघाट न्यायिक बंदीगृह से एक महिला और 40 पुरुष सहित कुल 41 विचाराधीन बंदियों को पिथौरागढ़ जिला कारागार भेजा गया है। यह प्रक्रिया शासन के निर्देशों के तहत पूरी की गई।

न्यायिक बंदीगृह प्रभारी तहसीलदार मोहिउद्दीन ने बताया कि सभी बंदियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पिथौरागढ़ स्थानांतरित किया गया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

उन्होंने बताया कि बंदीगृह भवन का निर्माण अंग्रेजों के शासनकाल में वर्ष 1925-26 के दौरान किया गया था। यह भवन लंबे समय से न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा रहा है।

तहसीलदार ने जानकारी दी कि अब इस स्थान पर कानूनगो चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। फिलहाल इस भवन में कानूनगो कार्यालय संचालित किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि चंपावत में जिला जेल का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सभी बंदियों को वापस चंपावत जिला कारागार में शिफ्ट किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर इस ऐतिहासिक बंदीगृह के बंद होने को एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। यह भवन अब प्रशासनिक उपयोग में लाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में नई व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।