
स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर – संजय जोशी

उत्तराखंड के रानीखेत में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए प्रशासन ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की क्षमता का परीक्षण करना था।


मॉक ड्रिल का केंद्र गांधी चौक क्षेत्र को बनाया गया, जहां भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि एक मॉल का भवन ध्वस्त हो गया है और कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं।


इस दौरान स्कूली बच्चों समेत कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना दी गई। साथ ही आग लगने की स्थिति को भी दर्शाया गया, जिस पर दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर काबू पाने का अभ्यास किया।


मॉक ड्रिल में प्रशासन के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, दमकल विभाग, एसएसबी, स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी कैडेट्स ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

रेस्क्यू टीमों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और गंभीर घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं मामूली रूप से घायल लोगों का उपचार तहसील परिसर में बनाए गए राहत शिविर में किया गया।
इस दौरान एक बकरी का मेमना भी घायल अवस्था में पाया गया, जिसका उपचार पशु चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।

तहसीलदार दीपिका आर्य ने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे अभ्यास भविष्य में आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मददगार साबित होते हैं।

