
लोकेशन :- नरेंद्रनगर
ब्यरो रिपोर्ट

गढ़वाल क्षेत्र के सरोला ब्राह्मण समाज का विशाल मिलन समारोह देहरादून के मिलन वेडिंग पॉइंट में आयोजित किया गया। वर्ष 1904 में Rudraprayag में आयोजित भव्य सरोला ब्राह्मण मिलन समारोह के बाद यह दूसरा अवसर है, जब 121 वर्षों बाद इस समाज का इतना बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया।


इस सम्मेलन में गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न जनपदों से करीब 400 सरोला ब्राह्मणों ने भाग लिया। समाज के लोगों ने अपनी परंपराओं, विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एकत्र होकर विचार-विमर्श किया।

सरोला ब्राह्मणों की परंपरा मंदिरों, धार्मिक आयोजनों और संस्कारों में शुद्ध भोजन व्यवस्था से जुड़ी रही है। शादी-विवाह, पितृ कार्य और चूड़ाकर्म जैसे धार्मिक अनुष्ठानों में भोजन पकाने और परोसने की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।


बताया जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत Panwar Dynasty के राजाओं के समय हुई थी। उस समय पंवार वंश के शासकों ने सरोला ब्राह्मणों को विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों में भोजन व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी थी।

हालांकि आधुनिक दौर में स्टैंडअप कैटरिंग व्यवस्था के बढ़ते प्रचलन के कारण यह पौराणिक परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसके बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी कई स्थानों पर इस परंपरा का पालन किया जाता है।

सम्मेलन के दौरान लगभग 1400 वर्ष पुरानी इस विरासत को बचाने और परंपराओं को संरक्षित रखने को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Surendra Maithani उपस्थित रहे, जबकि टिहरी राजपरिवार से जुड़े Bhavani Pratap Shah विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस भव्य समारोह के आयोजन में गढ़वाली सरोला ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष विजय थपलियाल, सचिव सुरेंद्र डिमरी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र बिजल्वाण, जगदंबा प्रसाद और सत्य प्रसाद खंडूरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के माध्यम से समाज ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।


