
स्थान : हरिद्वार
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को खोले जाएंगे।


राज्य सरकार और प्रशासन ने चारधाम यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मार्च से ही शुरू कर दिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके।


सरकार का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा और उन्हें यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही प्रशासन सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारियां कर रहा है।


हालांकि यात्रा को लेकर ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों की कुछ चिंताएं भी सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि यात्रा व्यवस्था में कुछ बदलाव किए जाने की जरूरत है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिल सके।
उत्तराखंड टैक्सी मैक्सी यूनियन के सचिव गिरीश भाटिया का कहना है कि सरकार द्वारा मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करना सराहनीय कदम है, लेकिन कई यात्री रजिस्ट्रेशन कराने के बाद यात्रा पर नहीं आते। ऐसी स्थिति में रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई यात्री केवल एक धाम की यात्रा करता है, तो उसे भी चारधाम यात्रा की कुल संख्या में शामिल कर लिया जाता है। उनका सुझाव है कि हर धाम के हिसाब से अलग-अलग आंकड़े होने चाहिए, ताकि सही संख्या का अनुमान लगाया जा सके।


गिरीश भाटिया ने यह भी सुझाव दिया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में नाममात्र का शुल्क रखा जाना चाहिए। इससे अनावश्यक रजिस्ट्रेशन को रोका जा सकेगा और यात्रा प्रबंधन भी बेहतर होगा।
वहीं हरिद्वार लग्जरी कोच वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हरमोहन सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार से कई बार वार्ता की गई है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार में 20, ऋषिकेश में 40 और विकासनगर में 20 काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन हरिद्वार में 24 घंटे रजिस्ट्रेशन सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि हरिद्वार में भी ऋषिकेश और विकासनगर की तरह चौबीसों घंटे रजिस्ट्रेशन काउंटर खुले रहने चाहिए।


