
स्थान : कालाढूंगी
ब्यरो रिपोर्ट

कालाढूंगी तहसील प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमोला ग्राम सभा में राजस्व विभाग की भूमि को कब्जा मुक्त कराया। शनिवार को दोहनिया नाले के पास स्थित करीब 2 बीघा तीन बीसवां (0.137 हेक्टेयर) बंजर जमीन को प्रशासन ने खाली कराया। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।


प्रशासन के अनुसार यह जमीन राजस्व विभाग की थी और लंबे समय से खाली पड़ी हुई थी। मौके पर कोई स्थायी निर्माण या आबादी नहीं थी, जिसे देखते हुए कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया।

इस संबंध में एसडीएम बिपिन पंत ने बताया कि जिला अधिकारी के निर्देश पर पूरे जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शनिवार को कालाढूंगी तहसील के कमोला ग्राम सभा में 0.137 हेक्टेयर राजस्व भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है।


उन्होंने बताया कि इस जमीन को बिजली घर निर्माण के लिए Uttarakhand Power Corporation Limited को दिया गया है। विद्युत विभाग की मांग पर इस भूमि को खाली कराकर विभाग को सौंपा गया, जिसके बाद विभाग द्वारा जमीन की घेराबंदी कर अपना कब्जा ले लिया गया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा , कानूनगो फैजान खान, राजस्व निरीक्षक आशुतोष चंद्र, विद्युत विभाग के एसडीओ दीपक भंडारी और पुलिस विभाग से एसआई जयवीर सिंह, तनवीर आलम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कोटाबाग क्षेत्र की कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख Apoorva Bisht ने कहा कि प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना और नोटिस के सीधे कब्जा करना उचित नहीं है।


उन्होंने बताया कि जिस जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया, उस पर ग्रामीणों द्वारा गेहूं की फसल लगाई गई थी। जमीन के कब्जेदार ने प्रशासन से फसल कटाई तक का समय देने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और कार्रवाई कर दी।

