
स्थान – गैरसैंण
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन विपक्षी कांग्रेस विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने सदन में अपने अधिकार और मुद्दों पर चर्चा के दौरान समय दिए जाने को लेकर चिंता जताई।


उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में अपने मुद्दों को उठाना चाहता है और इसे नियमों के तहत ही करना चाहिए। उनका कहना था कि केवल खानापूर्ति के लिए बहस नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर विधायक को अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर मिलना चाहिए।


कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि अगर सदन देर रात तक चलता है, तो भी वे शांति से बैठकर अपने मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे सदन की गरिमा और नियमों का पालन करते हुए ही चर्चा में हिस्सा लेंगे।


विपक्ष का मानना है कि बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण सवालों और शिकायतों पर चर्चा होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि जनता के मुद्दों को अनसुना नहीं किया जा सकता और सदन में उन्हें उचित समय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सदन में कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल राजनीतिक बहस करना नहीं है, बल्कि राज्य और जनता के हित में गंभीर मुद्दों को उठाना है। इसलिए उनका आग्रह है कि नियमों के तहत उचित समय मिले।
सदन के दौरान विपक्ष ने कई क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को लेकर चर्चा की मांग की। उनका कहना था कि बजट सत्र में केवल घोषणाओं और खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

इस मौके पर काज़ी निजामुद्दीन ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक सदन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे, लेकिन उन्हें उचित समय और सम्मानजनक मंच दिया जाना चाहिए। उनका यह बयान विधानसभा में विपक्ष और सरकार के बीच बहस को और भी अहम बना देता है।

