
स्थान – पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

पौड़ी मुख्यालय में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड पौड़ी के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को निरस्त करने की मांग उठाई।


प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार पूरे पावर सेक्टर के निजीकरण के उद्देश्य से इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल को लोकसभा में लाने जा रही है, जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है।


कर्मचारियों ने बताया कि यदि यह बिल पारित हो जाता है तो देश में बिजली वितरण के लिए नया कानून लागू हो जाएगा। इसके तहत निजी कंपनियों को सरकारी डिस्कॉम के नेटवर्क का उपयोग कर बिजली वितरण करने का लाइसेंस मिल सकेगा।


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निजी कंपनियों को लाइसेंस मिलने के बाद उन्हें किसी टेंडर की आवश्यकता नहीं होगी और वे सरकारी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए मुनाफे वाले उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ लेंगी। इससे सरकारी बिजली कंपनियों को नुकसान होगा और आम जनता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कर्मचारियों ने बताया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की 6 मार्च को हुई ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया था कि 10 मार्च को देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी निजीकरण के विरोध में अपने-अपने कार्यस्थलों से बाहर निकलकर प्रदर्शन करेंगे।
इसी निर्णय के तहत पौड़ी में भी कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बिजली एक्ट को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की।


