पौड़ी में महिला दिवस: “मां को समर्पित” थीम पर प्रेरणादायक कार्यक्रम

पौड़ी में महिला दिवस: “मां को समर्पित” थीम पर प्रेरणादायक कार्यक्रम

स्थान – पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जनपद मुख्यालय पौड़ी के विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “मां को समर्पित” रखी गई, जिसके माध्यम से समाज और परिवार के निर्माण में मां और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर बालिका स्वस्ति ने दीप मंत्र का मधुर गायन किया, जिसने सभागार में गरिमामय और सकारात्मक वातावरण बना दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाशाली बालिकाओं चुलबुली प्रभा रावत और स्वस्ति को सम्मानित किया गया। दोनों बालिकाओं ने महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने सरल, प्रेरणादायक और मासूम शब्दों से उपस्थितजनों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से भावनात्मक और प्रेरक बना दिया।

इस अवसर पर शिक्षा, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही 60 महिलाओं को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने सम्मानित महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी समाज में समानता की भावना की शुरुआत परिवार से होती है। माता-पिता ही बच्चों को समानता, सम्मान और संवेदनशीलता का वातावरण देते हैं। पुत्र और पुत्री के साथ किया गया व्यवहार बच्चों के कोमल मन पर गहरा प्रभाव डालता है और वही संस्कार आगे चलकर समाज की दिशा तय करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मां बच्चे की पहली गुरु होती है और उनका योगदान सर्वोपरि होता है। महिलाएं कोमल अवश्य हैं, लेकिन कमजोर नहीं। समाज, परिवार, प्रशासन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी क्षमता और नेतृत्व का प्रभावी परिचय दिया है।

जिलाधिकारी ने महिला और पुरुष की तुलना न करने पर बल देते हुए कहा कि उनकी सहभागिता और साझेदारी ही समाज के संतुलित विकास की आधारशिला है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका समर्पण और परिश्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है।