रुड़की में सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहर में कचरे के ढेर नजर आए

रुड़की में सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहर में कचरे के ढेर नजर आए

स्थान – रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की नगर निगम के सफाई कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर की गलियों और मोहल्लों में जगह–जगह कूड़े के ढेर लगे दिखाई दे रहे हैं और नगर निगम परिसर में भी हालात गंभीर बने हुए हैं।

हड़ताल का नेतृत्व देवभूमि निकाय उत्तराखंड संयुक्त कर्मचारी महासंघ कर रहा है। कर्मचारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर वेतन, नियमितीकरण और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

सफाई संघ के नगर महामंत्री नरेश घोघलिया ने बताया कि वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा थर्ड पार्टी को सफाई का ठेका देना भी कर्मचारियों के लिए स्वीकार्य नहीं है।

हड़ताल के कारण शहर के प्रमुख मोहल्लों और बाजारों में कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने सफाई व्यवस्था में गड़बड़ी पर चिंता जताई और नगर निगम से तत्काल कदम उठाने की मांग की।

नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने कहा कि सफाई कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया गया है और शासन स्तर से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का समाधान जल्द ही किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि हड़ताल लंबी खिंचने पर शहर में न केवल गंदगी बढ़ेगी, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह चुनौती बनी हुई है कि वह कर्मचारियों की मांग और जनहित के बीच संतुलन बनाए।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि सफाई कर्मियों की मांगें जायज हैं, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करने वाली इस हड़ताल का समाधान शीघ्र होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर निगम और कर्मचारियों के बीच बातचीत से जल्द ही हल निकल आएगा।