सुल्तानपुर पट्टी में कचरा संकट, जनता का धैर्य हुआ समाप्त

सुल्तानपुर पट्टी में कचरा संकट, जनता का धैर्य हुआ समाप्त

स्थान – बाजपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

सुल्तानपुर पट्टी नगर पंचायत में प्रशासनिक संवेदनहीनता और गड़बड़ सफाई व्यवस्था के चलते स्थानीय जनता का धैर्य अब जवाब दे गया है। नगर की गलियों और मोहल्लों में सड़ते कचरे के ढेरों ने न केवल पूरा क्षेत्र बदबू और गंदगी में तब्दील कर दिया है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।

स्थानीय नागरिकों और समाजसेवी साजिद हुसैन के नेतृत्व में आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एसडीएम कार्यालय बाजपुर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम के पेशकार संजीव कुमार को सौंपा और अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

समाजसेवी साजिद हुसैन ने कहा कि 7 मार्च 2026 से नगर पंचायत में सफाई कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे टाउनशिप एक बदबूदार कूड़ेदान में बदल गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर पंचायत की उदासीनता सीधे तौर पर धार्मिक आस्था और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, खासकर रमजान और आगामी ईद-उल-फितर जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के बीच।

प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने सड़कों पर बिखरी गंदगी का विरोध किया और बताया कि इससे राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि बीमारियों की संभावना बढ़ने से उनकी रातों की नींद भी उड़ी हुई है और प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे।

साजिद हुसैन ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने चेताया कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और जनहित की रक्षा के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

वहीं, नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी गीता चौधरी ने कहा कि पर्यावरण मित्रों के धरने और कर्मचारियों के विवाद के कारण सफाई व्यवस्था बाधित हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही वार्ता के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा और सफाई व्यवस्था बहाल की जाएगी।

ईओ ने जनता से अव्यवस्था के लिए खेद जताया है, लेकिन धरातल पर अभी भी समाधान का इंतजार है। वहीं नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही से नगर की तस्वीर चिंताजनक बनी हुई है और जनता अब केवल दलीलों से संतुष्ट नहीं होगी।