

स्थान : सितारगंज
रिपोर्टर : तनवीर आंसरी

विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में सितारगंज तहसील में शुरू हुआ राजस्व कर्मियों का आंदोलन करीब 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। उच्च अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद सहमति बनने पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार वापस ले लिया। इसके बाद तहसील कार्यालय का मुख्य गेट खोल दिया गया और विजिलेंस टीम भी परिसर से वापस लौट गई।


राजस्व विभाग का कहना है कि विजिलेंस टीम द्वारा जिन दो कर्मचारियों को पकड़ा गया, वह राशि कथित रिश्वत नहीं बल्कि सरकारी राजस्व की वसूली की रकम थी। विभाग के अनुसार दोनों कर्मचारी संग्रह काउंटर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरकारी बकाया राशि जमा करा रहे थे, जिसे गलत तरीके से रिश्वत का मामला मान लिया गया।



विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि संबंधित वसूली राजस्व संहिता एवं निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही थी। विभाग ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने कहा कि पूरे प्रकरण की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि बुधवार को विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लिपिक सहित दो कर्मचारियों को कथित रिश्वत लेने के आरोप में ट्रैप किया था। इस कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मियों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया था और मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे कई घंटों तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।


करीब 20 घंटे तक चले आंदोलन के बाद प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई वार्ता सफल रही। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया और तहसील का कामकाज सामान्य होने लगा। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट एवं उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।



