

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

कभी उत्तम गुणवत्ता की चीनी उत्पादन के लिए पहचान रखने वाली बाजपुर सहकारी चीनी मिल इन दिनों कथित स्क्रैप बिक्री घोटाले को लेकर चर्चाओं में है। करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मिल गेट पर कर्मचारियों, किसानों, कांग्रेस नेताओं, नगर पालिका अध्यक्ष और स्थानीय लोगों का धरना लगातार नौवें दिन भी जारी रहा।


धरनारत प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्क्रैप बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा गठित जांच समिति को पूरे मामले की जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

धरने में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर दोषियों को दंडित नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसान, कर्मचारी और आमजन एकजुट हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने को दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी समर्थन दिया था। उनके धरना स्थल पहुंचने के बाद आंदोलन को और बल मिला है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच ही सत्य को सामने ला सकती है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि मामले में छोटे कर्मचारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों का केवल स्थानांतरण किया गया। उनका आरोप है कि यह न्यायसंगत नहीं है और जांच में सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। फिलहाल आंदोलन जारी है और सभी की निगाहें सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।



