
स्थान : देहरादून

ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और कुल 5 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, पूर्व सैनिकों को आरक्षण, भाषा संस्थान संशोधन, निजी विश्वविद्यालय और जुए पर रोक शामिल हैं।

कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा करना और उन्हें बेहतर प्रतिनिधित्व देना है। इससे उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।


बैठक में पूर्व सैनिकों को राज्य सेवाओं में आरक्षण देने के संशोधन को भी मंजूरी मिली। इसके तहत 1993 के कानून में बदलाव कर पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने के प्रावधान को और मजबूत किया गया है।
इसके अलावा कैबिनेट ने उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी। इससे राज्य की भाषाओं और साहित्य को बढ़ावा देने वाले कामों को और बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।

कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 को भी हरी झंडी दी। इसके तहत नैनीताल में माउंट वैली यूनिवर्सिटी और देहरादून में तुलाज यूनिवर्सिटी तथा शिवालिक यूनिवर्सिटी स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया।

साथ ही कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026 को मंजूरी दी। इस कानून के तहत राज्य में जुआ, सट्टेबाजी और अवैध द्यूत घरों पर रोक लगाने और सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के बजट सत्र से पहले कैबिनेट की एक और बैठक हो सकती है, जिसमें कुछ और महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक से राज्य की शासन नीतियों और विकास योजनाओं में और मजबूती आएगी।

