
स्थान : हरिद्वार

ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:40 बजे गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड पर पहुंचें। वहां से वे सीधे कार्यक्रम स्थल बैरागी कैंप मैदान का रुख करेंगे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री का मुख्य कार्यक्रम प्रस्तावित है।


बैरागी कैंप मैदान में सहकारिता विभाग की प्रदर्शनी और उत्तराखंड सरकार की चार वर्षों की उपलब्धियों से जुड़े स्टॉल लगाए जाने हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इन तैयारियों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
जिला प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा हुआ है। डीएम और एसएसपी लगातार बैठकें कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री निरीक्षण के दौरान मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा घेरा, पार्किंग और यातायात डायवर्जन योजना का भी जायजा लेंगे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।


दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास बैरिकेडिंग और चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर अंतिम तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हों।


निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री दोपहर में देहरादून लौट जाएंगे। वहां वे अपने पूर्व निर्धारित शासकीय कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त रहेंगे।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

हरिद्वार में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।


