
स्थान : रुड़की

ब्यूरो रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बीच अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में रुड़की के मंगलौर क्षेत्र के मोहल्ला पठानपुरा स्थित बड़े इमामबाड़े में शिया समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।


प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। खास बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और उसे वैश्विक स्तर पर कठोर रुख अपनाने का आरोप लगाया।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों की अनदेखी कर की जा रही सैन्य कार्रवाई से निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय को शांति और कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
इस दौरान कुछ वक्ताओं ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनई को लेकर सामने आए दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। समुदाय के लोगों ने कहा कि वे इन घटनाओं को गंभीरता से देख रहे हैं और इसे भावनात्मक मुद्दा मानते हैं।

प्रदर्शन के दौरान मातमी माहौल भी देखने को मिला। कई लोग भावुक नजर आए और उन्होंने वैश्विक शांति की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि इतिहास गवाह है कि अन्याय और तानाशाही लंबे समय तक कायम नहीं रहती।


प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से अपील की कि देश में सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर आपसी भाईचारे पर न पड़े।

स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की। कुल मिलाकर प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर लोगों की भावनाएं स्पष्ट रूप से सामने आईं।


