
रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : रुद्रपुर

उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र रूद्रपुर ने साइबर धोखाधड़ी के एक आरोपी मलकीत सिंह (36 वर्ष) को वमनपुरी थाना गदरपुर, उधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर पीड़ितों से भारी रकम ठग रहा था।


साइबर अपराध की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि आरोपी पीड़ितों को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर Hantec Market Trading Company में निवेश करने का लालच देता था। इसके तहत पीड़ितों से अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच लगभग 24.70 लाख रुपये की ठगी की गई।

विवेचना में पता चला कि आरोपी ने फर्जी एप्लीकेशन का उपयोग कर निवेश राशि को भारी मुनाफे के रूप में दिखाया। पीड़ितों को इस फर्जी लाभ के आधार पर निवेश करने के लिए लालच दिया जाता था, जबकि असली धनराशि आरोपी के विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी।

साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के घर से दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, ठगी की राशि से खरीदा गया फोन, एक डेबिट कार्ड, आधार व पैन कार्ड, केनरा बैंक पासबुक व चैक बुक, एक्सिस बैंक व यस बैंक की चैक बुक, एसबीआई के तीन चैक और 830 रुपये बरामद किए।


पुलिस ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों में केवल अक्टूबर और नवम्बर 2025 के दो महीनों में ही करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने देश के विभिन्न राज्यों में कई साइबर अपराधों में इसी प्रकार की धोखाधड़ी की है।

अपराध के तरीके में आरोपी व्हाट्सऐप के माध्यम से पीड़ितों को ट्रेडिंग मैसेज भेजता था, स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर निवेश का भरोसा दिलाता और फर्जी स्क्रीनशॉट के माध्यम से लाभ दिखाता था।

एसटीएफ के निरीक्षक/विवेचक धीरेन्द्र कुमार पंत, उप निरीक्षक शंकर सिंह रावत, अपर उपनिरीक्षक विनोद बिष्ट और कांस्टेबल प्रकाश चिलकोटी व विकास रावत की टीम ने अभियुक्त की गिरफ्तारी में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ एवं पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर नीलेश आनंद भरणे के पर्यवेक्षण में आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने के प्रयास जारी हैं।
एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी लोकलुभावन निवेश ऑफर, फर्जी वेबसाइट, YouTube/Telegram आधारित इन्वेस्टमेंट स्कैम्स में निवेश न करें।


साथ ही, किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें और किसी भी अनजान कॉल या मैसेज में लालच में आकर व्यक्तिगत दस्तावेज, बैंक या वित्तीय जानकारी साझा न करें।

ऑनलाइन जॉब या निवेश के लिए एप्लिकेशन डाउनलोड करने से पहले संबंधित कंपनी या संस्था से सत्यापन कर लें। APK फाइलें जैसे RTO Challan, PM किसान निधि आदि बिना पुष्टि के डाउनलोड या साझा न करें।

एसटीएफ ने चेताया कि तेजी से बढ़ते साइबर इन्वेस्टमेंट स्कैम्स लाखों लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। स्कैमर्स पहले छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश के लिए मजबूर करते हैं।

कोई भी शंका होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। वित्तीय साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 नंबर पर दी जा सकती है।
इस गिरफ्तारी से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

