
ओखलकांडा ब्लॉक के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कुमाऊं कमिश्नर को पत्र भेजकर 23 फरवरी को आयोजित दिव्यांग प्रमाण पत्र स्वास्थ्य शिविर में हुई गड़बड़ी की जांच की मांग की है।


जनप्रतिनिधियों ने बताया कि विधायक कैड़ा के निर्देश पर कैम्प का आयोजन किया गया था, जिसमें दूर-दूर से दिव्यांग लोग अपने प्रमाण पत्र बनाने और पुराने प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कराने आए। हालांकि, कुछ लोग प्रमाण पत्र बनाने से छूट गए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि हड्डी विशेषज्ञ डॉ. पटपटिया कैम्प में देर से पहुंचे और केवल 1 बजे ही कैम्प छोड़कर चले गए। उन्होंने कुछ लोगों को हल्द्वानी जाकर जांच कराने के लिए कहा।

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने साफ किया कि कैम्प में डॉक्टरों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। इसके बावजूद, कुछ कांग्रेसी इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि दिव्यांग प्रमाण पत्र दबाव में बनाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया और कुमाऊं कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।


