कुमाऊँ आयुक्त ने अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट का निरीक्षण, लंबित मामलों और अभिलेखों की समीक्षा

कुमाऊँ आयुक्त ने अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट का निरीक्षण, लंबित मामलों और अभिलेखों की समीक्षा

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : अल्मोड़ा

कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने आज अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा तथा अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने आयुक्त का स्वागत किया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कलेक्टर कोर्ट में लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो और समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी को विशेष तौर पर कहा गया कि उनके अधीनस्थ न्यायालयों में चल रहे वादों की नियमित समीक्षा की जाए।

आयुक्त ने रिकॉर्ड रूम का भी अवलोकन किया और अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, बहुमूल्य तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण और उनके डिजिटलीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बस्तों पर वर्षवार स्टीकर चस्पा किए जाएं ताकि दस्तावेजों को आसानी से ट्रेस किया जा सके। साथ ही, आजादी से पूर्व के अभिलेखों को अलग से सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ त्वरित और पारदर्शी ढंग से मिल सके तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

जनसेवा में संवेदनशीलता और जवाबदेही बनाए रखने पर आयुक्त ने विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में सेवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान दे और आम जनता की शिकायतों का समय पर निवारण सुनिश्चित करे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार समेत अन्य संबंधित अधिकारी और पटल सहायक उपस्थित रहे।

कुमाऊँ आयुक्त का यह निरीक्षण प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयुक्त ने कहा कि नियमित समीक्षा, अभिलेखों का डिजिटलीकरण और समयबद्ध निस्तारण से प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।