
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार में सरकारी संपत्तियों पर लगातार लगाए जा रहे अवैध विज्ञापन शहर की सुंदरता और स्वच्छ भारत अभियान की भावना को चुनौती दे रहे हैं। हाईवे, प्रमुख चौराहों, पुलों और सार्वजनिक दीवारों पर कमर्शियल विज्ञापनों के साथ-साथ गुप्त रोगों के इलाज से जुड़े भ्रामक इश्तहारों की भरमार देखी जा रही है।


जिला प्रशासन ने बताया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद, सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और पुलों की दीवारों पर लिखे गए झूठे और भ्रामक विज्ञापन लगातार सामने आ रहे हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि जनता को भी भ्रमित कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इन अवैध इश्तहारों को अधिकतर रात के अंधेरे में लिखा जाता है, जिससे पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों का सर्वे कर चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।


अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अब बिना अनुमति दीवारों पर विज्ञापन लिखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की संभावना भी शामिल है।
स्वच्छता और शहरी सौंदर्य बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिकों को भी अभियान में शामिल करने की योजना बनाई है।
प्रशासन का कहना है कि शहर को गंदगी और अवैध प्रचार से मुक्त रखने के लिए आगामी दिनों में विशेष निरीक्षण दल तैनात किए जाएंगे।

स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के कदम की सराहना की और ऐसे अवैध कार्यों के खिलाफ सहयोग देने का आश्वासन दिया।

