चम्पावत में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित

चम्पावत में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के अंतर्गत जनपद चम्पावत के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में बहुउद्देश्यीय शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचाना रहा।

विकासखंड बाराकोट की न्याय पंचायत रैघाव तथा विकासखंड पाटी की न्याय पंचायत कमलेख में आयोजित इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और अपनी समस्याओं का समाधान मौके पर ही कराया।

न्याय पंचायत रैघाव अंतर्गत पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज, इन्द्रपुरी ईजड़ा में आयोजित शिविर की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की। इस शिविर में कुल 1020 लोगों ने प्रतिभाग किया। शिविर के दौरान प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।

शिविर में 109 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए गए। इनमें यूसीसी एवं आधार पंजीकरण से संबंधित 30 मामलों पर कार्रवाई कर लाभ प्रदान किया गया। प्रशासन की तत्परता से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला।

इसी क्रम में विकासखंड पाटी की न्याय पंचायत कमलेख अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय, पोखरी (धुनाघाट) में आयोजित शिविर में 599 लोगों ने भाग लिया। यहां 63 प्रमाण पत्र बनाए गए तथा 35 यूसीसी और आधार कार्ड से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया।

शिविर के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार और लोहाघाट विधायक कुशाल सिंह अधिकारी ने स्वयं ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और कई मामलों का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया। पात्र व्यक्तियों के दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर में ही जारी किए गए, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। इससे शिविर केवल प्रशासनिक समाधान तक सीमित न रहकर मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सहयोग का भी प्रतीक बना। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।